जब जिंदगी खुशियाँ चाहे

जब जिंदगी खुशियाँ चाहे, 
फिर मुश्किल सब हट जाए, 
जब मन में उमंग जग जाए, 
फिर मंजिल भी नजर आ जाए, 
जब आँखों में चमक हो, 
फिर बातों में असर हो, 
जब कदमों में मजबूती, 
जब मन में हो मजबूती, 
फिर कुछ भी हासिल हो जाए  l

जब चल पड़े कदम तो, 
फिर दूरी कहाँ रह जाती है, 
जब सोच लिया है करना, 
फिर मजबूरी कहाँ रह जाती है, 
चाहतों से ही तो,
जिंदगी संवर जाती है, 
जीने की कला जो सीखी, 
फिर जिंदगी बदल जाती है, 
जो आज से है नाता, 
फिर कैसे ना किस्मत जग जाए  l

किसी का दिल दुखाकर, 
सुकून कहाँ मिलता है, 
किसी को अपना समझकर, 
चैन बहुत मिलता है, 
अपनापन जो बढ़ाएं, 
दिलों की दूरी भी मिट जाती, 
जो हो सोच में नयापन, 
फिर मगरूरी भी हट जाती, 
आजाद ख्यालों से, 
जीने का मजा आ जाए  l

कुछ याद करते जाएँ, 
कुछ भूलते भी जाएँ, 
है आज की जिंदगानी, 
आज को जीते जाएँ, 
कुछ मंजिलें करीब है, 
कुछ मंजिलें दूर है, 
जो आगे बढ़ना जानते हैं, 
उनसे नही कुछ दूर है, 
जब हो दिल जोड़ने वाली बातें, 
जीवन में फिर प्यार के बादल छाए  l


Thank you. 

Comments

Anonymous said…
Beautiful