रब ने कहा
कभी ऐ बन्दे,
मुझे तो अपना कह देना,
कभी ऐ प्राणी,
तू मुझसे बात कर लेना,
दुनियाँ के कामों से,
तुझे फुर्सत नही है,
दुनियाँ में खोया रहता है,
तेरा मन तो बड़ा चंचल है,
कभी ऐ बन्दे,
मेरा तू साथ कर लेना l
क्या इसलिए तुझे जगत में भेजा,
कि मुझको ही भूल जाए,
क्या इसलिए सब तुझको दिया है,
कि मेरा शुक्र करना भूल जाए,
कभी ऐ इंसान, मुझे तू याद कर लेना l
तेरी चाहतें बहुत थी दुनियाँ में,
कितनी पूरी हो गई,
पर तेरा मन भरता नही है,
तूने कितनी जिंदगी गँवा दी,
समय तो ये पंख लगाए,
तेरे हाथ नही आता है,
अंत समय तेरे काम जो आये,
क्यों उसको भूल जाता है,
कुछ समय अमन तू,
मेरा नाम जप लेना l
Thank You.
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