चलो, मैं अपनी जिद्द छोडूँ

दुनियाँ में खुश रहने के लिए, 
चलो, मैं अपनी जिद्द छोडूँ, 
आत्मोत्थान करने के लिए, 
कुछ अच्छाई के लिए, 
कुछ सच्चाई के लिए, 
चलो, मैं अपना अहंकार छोडूँ  l

मन में क्रोध, क्यों पैदा होता है, 
इसका भी विचार कर लिया जाए, 
कामनाएँ अगर पूरी नही हो तो, 
मन में क्रोध पैदा होता है, 
मन को शांत करने के लिए, 
चलो, मैं अपनी सोच बदलूँ l

दुनियाँ में क्या हरदम,
आगे रहना जरूरी है, 
खुद को सुखी करने के लिए, 
क्या किसी को दुख देना जरूरी है, 
हमारी वजह से अगर कोई प्रसन्न होता है, 
समझो जीवन सफल हुआ, 
अगर ये जीवन किसी के काम आए तो
समझो हमारा दुनियाँ में आना सफल हुआ, 
दुनियाँ में खुशियाँ बाँटने के लिए, 
चलो, मैं अपना मन बदलूँ l



Thank You. 

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