सदा तेरी जय जयकार


सदा तेरी जय जयकार, 
सदा तू ही सबपे करे उपकार, 
सदा गुण ही देखते हो भगवन, 
तुम देखते नही किसी के अवगुण, 
तूने रचा है सब संसार l

तुम ही प्यारे, सब जीवों के, 
तुम ही फैले, सब लोकों में, 
जल-थल-नभ में हो तुम ही, 
तुम ही रहते सब जीवों में, 
कोई जगह ना खाली तुझसे है, 
सारी सृष्टि, ये रोशन तुझी से है, 
तुम ही सबके प्राणाधार l

चाहे भूलुं, सारा जगत ये, 
पर तुझको नही भूलने पाऊँ, 
तेरा बन्दन करूँ हमेशा, 
तेरे ही नित्य गुण गाऊँ, 
आजकल, सदियों से आप हो, 
तेरी कायम सदा सरकार l

Thank You. 

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