छोड़ देना चाहता हूँ, अपनी वो हर जिद्द
छोड़ देना चाहता हूँ, अपनी वो हर जिद्द, को मुझे दुख देती है, जो मन में पीड़ा उत्पन्न करती है, क्योकिं अहंकार से भरी हर जिद्द, केवल दुख ही देती है । कर लेना चाहता हूँ, अपना मन साफ, कर देना चाहता हूँ, अपना मन शांत, भूल जाना चाहता हूँ, वह हर बात, जो मुझे हर पल व्याकुल करती है । किसी के लिए, मैं दुख का कारण नही बनूँ, किसी के जीवन में मैं, दुख पैदा नही करूँ, किसी से मैं नफरत नही करूँ, किसी के लिए में, मन में दुर्भावना नही रखूँ, अच्छी भावनाओं के साथ जीवन जीऊं, किसी से अपेक्षा करने की बजाय, खुद ही कुछ जीवन में करूँ, छोड़ देना चाहता हूँ मैं दूसरों से, हर वो आस, जो मन को विचलित करती है । Thank You.