जो लोग रास्ते बनाते हैं
जो लोग रास्ते बनाते हैं,
वे यह नही सोचते हैं
कि उनपे कौन चलेगा,
उन्ही रास्तो पर
हजारों-लाखों लोग चलते हैं,
जो लोग मंज़िलें बनाते हैं,
वे ये सोचकर नही बनाते हैं
कि उन मंजिलों में कौन रहेगा,
उनमें कितने ही परिवार रहते हैं ।
वे यह नही सोचते हैं
कि उनपे कौन चलेगा,
उन्ही रास्तो पर
हजारों-लाखों लोग चलते हैं,
जो लोग मंज़िलें बनाते हैं,
वे ये सोचकर नही बनाते हैं
कि उन मंजिलों में कौन रहेगा,
उनमें कितने ही परिवार रहते हैं ।
वास्तव में महान वही है,
जो औरों के लिए काम करते हैं,
सिर्फ बातें बनाने से कोई महान नही बनता,
जिनकी सोच औरों के हित के लिए होती है,
जिनके काम औरों के भले के लिए होते हैं,
वहीं दुनियाँ में मिशाल कायम करते हैं।
हम थोड़ा अपना स्वार्थ छोड़ें तो सही,
हम किसी के लिए कुछ करें तो सही,
कहीं भी किसी के लिए भी
और किसी भी समय,
बिना किसी भेदभाव के,
परहित के कर्म करते रहना चाहिए़ ।
हम किसी के लिए कुछ करें तो सही,
कहीं भी किसी के लिए भी
और किसी भी समय,
बिना किसी भेदभाव के,
परहित के कर्म करते रहना चाहिए़ ।
By
अमन कुमार
Thank You.
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