मुझे अपने ही रंग में रंग ले

मुझे अपने ही रंग में रंग ले, 
मोहन मुरलियावाले,
मेरे मन में आकर बस ले,
मोहन मुरलियावाले ।

मैं सोचूँ, जो तू सोचे,
मैं करुँ, जो तू चाहे,
नित्य तेरे ही गुण गाऊँ,
नित्य तुझसे प्रीत लगाऊँ,
मुझे अपने प्रेम में रंग ले,
मोहन मुरलियावाले ।

तेरे नाम का मिला सहारा,
दुनियाँ में तेरा सहारा,
तू करता जग उजियारा,
तू देता सबको सहारा,
आकर तू हाथ पकड़ ले,
मोहन मुरलियावाले ।


Thank You.

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