कौन जहान में प्यार है करता

कौन जहान में प्यार है करता, 
कौन प्यार का इजहार है करता, 
किसको प्यारी, प्यार की खुशियाँ, 
किसको प्यारी, यार की खुशियाँ, 
कौन जहान में, इकरार है करता  l

अपनापन जहाँ पर मिलता है, 
फूल प्यार का वहाँ पर खिलता है, 
रिश्ते उनसे बन्ध जाते है, 
जिनके दिलों में प्यार है पलता, 
सोच तभी सुंदर होती है, 
जिसे प्यार का उपहार है मिलता  l

प्यार से चलती है, दुनियाँ सारी, 
वरना नफरत तो, विनाश की खातिर, 
जीवन चलता, प्यार से ही तो, 
वरना किस्मत तो खराब ही होती, 
जो समझे यहाँ प्यार की भाषा, 
उसको जीवन तो फूल सा खिलता  l

Thank You. 

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