जब मन ये हो, कुछ थका-थका

जब मन ये हो, कुछ थका-थका, 
जब तन ये हो, कुछ थका-थका, 
जब जीवन हो, कुछ रूका-रूका, 
जब भाग्य हो,  कुछ रूका-रूका, 
तब सुकून के कुछ पल मिल जाए, 
तब मन में कुछ खुशियाँ आए, 
फिर मन ये हो उजला-उजला  l

चाहे कोई सोच नही, 
चाहे मन में कोई चाह नही, 
फिर उदासियां, सब दूर हटे, 
फिर परेशानियाँ, सब दूर हटे, 
फिर मन ये लगे, निखरा-निखरा  l

कुछ समय तो, जी लें यहाँ, 
कुछ समय तो, हँस ले यहाँ, 
कुछ भूलें, कल और परसों को, 
अब याद करें नही बरसों को, 
फिर आ राम लगे, अपना-अपना l


Thank You. 

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