अपने मन को कैसे संभालोगे

अपने मन को कैसे संभालोगे, 
ये तो बड़ा चंचल है, 
हर पल कुछ ना कुछ कहता है, 
ना ये किसी की सुनता है, 
ना ये किसी की मानता है, 
कुछ ना कुछ करवाता रहता है  l

अपने दिल को कैसे बहलाओगे, 
ये तो बड़ा पागल है, 
ये दिल तो बड़ा दीवाना है, 
बड़ी आस लगाए जाता है, 
कभी प्यास बढ़ाए जाता है  l

दुनियाँ सारी परेशान है, 
कभी अपने मन से, 
कभी अपने दिल है, 
कभी अपनों कुछ बात है, 
कभी औरों की कुछ बात है, 
कुछ पल का जीना हो जाए तो
फिर तो वाह क्या बात है  l



Thank You. 

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