ये संसार है

ये संसार है,
यहाँ अक्सर इंसान धोखा खा जाता है,
यहाँ वर्तमान का भी सोचना पड़ता है,
यहाँ भूत का भी सोचना पड़ता है,
यहाँ भविष्य का भी सोचना पड़ता है ।

जब चलते हैं, 
तो आगे भी देखना पड़ता है,
पीछे भी देखना पड़ता है,
दाएँ भी देखना पड़ता है,
बाएँ भी देखना पड़ता है,
ऊपर भी देखना पड़ता है ,
नीचे भी देखना पड़ता है,
इस दुनियाँ में,
अपनी आँखें खुली रखनी पड़ती है ।

यहाँ लाभ का भी विचार करना पड़ता है,
यहाँ हानि के बारे में भी सोचना पड़ता है,
कदम-कदम पर राहों में, मुश्किले भी मिलती है,
कभी गम मिलते हैं तो, कभी खुशी भी मिलती है,
ये दुनियाँ है, यहाँ संभल संभलकर चलना पड़ता है,
वरना चलते-चलते ठोकर भी लग सकती है ।


Thank You.

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