आज कोई काम किया ही नही
आज कोई काम किया ही नही,
तो लगता है,
तो लगता है,
जैसे दुनियाँ में,
कोई काम किया ही नही,
आज मैं जो जीया ही नही,
तो ऐसा लगता है,
जैसा मैं दुनियाँ में जीया ही नही ।
आज मैं जो जीया ही नही,
तो ऐसा लगता है,
जैसा मैं दुनियाँ में जीया ही नही ।
या तो लोग अभाव में जीते हैं,
या दूसरों के प्रभाव में जीते हैं,
अपना स्वभाव छोडकर,
लोग जीवन के उतार-चढ़ाव में जीते हैं,
या दूसरों के प्रभाव में जीते हैं,
अपना स्वभाव छोडकर,
लोग जीवन के उतार-चढ़ाव में जीते हैं,
आज मैं जो चला ही नही,
जैसे जहान में मैं चला ही नही ।
सूनी-सूनी है ये धरती,
सूना-सूना है आसमान,
जैसे चुप सारा जहान है,
सूना-सूना है आसमान,
जैसे चुप सारा जहान है,
नही मंजिल का कोई निशान,
आज जो मैं हँसा ही नही,
जैसे जीवन में कभी हँसा ही नही ।
Thank You.
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