कैसे जीवन खुशहाल बनाएँ
कैसे जीवन खुशहाल बनाएँ,
कैसे खुद को खुशहाल बनाएँ,
इस दुनियाँ में क्या-क्या होता है,
इस दुनियाँ में तो मन खोता है,
कैसे मन को आराम दिलाएँ ।
कैसे खुद को खुशहाल बनाएँ,
इस दुनियाँ में क्या-क्या होता है,
इस दुनियाँ में तो मन खोता है,
कैसे मन को आराम दिलाएँ ।
आदत तो बुरी है,
औरों की निंदा-चुगली करना,
अपने मन में कभी नही झाँकते,
क्या-क्या सोचे, और क्या करे,
क्या याद रहा, क्या भूल गए,
औरों की निंदा-चुगली करना,
अपने मन में कभी नही झाँकते,
क्या-क्या सोचे, और क्या करे,
क्या याद रहा, क्या भूल गए,
अब चिंताओं को दूर हटाएँ ।
कुछ अपनी कहें, कुछ औरो की सुने,
कुछ कुछ ख्वाब चुने, कुछ ख्वाब बुने,
कभी रास्तों को आसान करें,
कभी खुद को मजबूत करें,
कभी मंजिल की तरफ कदम बढ़ाएँ ।
Thank You.
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