स्वयं को शांत रखना सीखें

स्वयं को शांत रखना सीखें,
दुनियाँ की परेशानियों में,
और परेशानी पैदा नही करें,
कुछ तो दिल को तसल्ली हो,
कुछ तो औरों को तसल्ली दें,
अपना प्रसन्न रहने का स्वभाव नही छोड़ें ।

सोच अच्छी हो तो अंजाम भी अच्छा होगा,
सोच गलत हो तो फिर क्या अच्छा होगा,
कुछ लोग दूसरों की गलतियाँ निकालने में माहिर है,
लेकिन अपनी गलतियाँ वे क़भी देखते नही है,
अपने मन को परेशान करना छोड़ें ।

हिंसा से किसी बात का 
हल नही निकल सकता है,
लड़ाई-झगड़े से 
और समस्याएं ही पैदा होती है,
अपनी बात मनवाने के और भी तरीके हैं,
बेवजह जिद्द करने से कुछ हासिल नही होता है,
बेवजह की बातों में मन को नही जोड़े ।

Thank You.

Comments

Popular posts from this blog

What you think