दुख भी तो जीवन का हिस्सा है

दुख भी तो जीवन का हिस्सा है, 
दुख जाता हैं, सुख आता है, 
ऐसे ही जीवन चलता जाता है, 
दुख ही इंसान को मजबूत बनाता है l

तरह-तरह की मन कल्पनाएँ करता हैं, 
कभी यहाँ पर तो, कभी कहीं पे फिरता है, 
कभी खुशियाँ, जीवन की राहों में मिल जाती है, 
कभी मंजिल करीब तो, कभी दूर दिखने लग जाती है, 
सुख की चाहत में, दुख ही मिलता है l

जिसने जीया जीवन को, बेफ़िकरा बनकर, 
उसने ही जीवन का लुत्फ़ उठाया है, 
जिसने अपने दिल को समझाना सीख लिया है, 
उसने जीवन में कुछ चैन पाया है, 
मेहनत करके ही तो जीवन निखरता है l


Thank You. 

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