कुछ फुर्सत के पल निकाल लें

कुछ फुर्सत के पल निकाल लें, 
कुछ आनंद के पल निकाल लें, 
दुनियाँ के काम खत्म ना होंगें, 
चिंताएँ इंसान की खत्म ना होगी, 
कुछ अपने लिए, समय निकाल लें l

कभी चाहतें, कभी राहतें, 
कभी उदासियाँ, कभी मुस्कुराहटें, 
कभी ख्वाब पलते, दिन-रात है, 
कभी प्यार के पल साथ है, 
दुनियाँ के कामों में हरदम लगे हैं, 
कभी अंतर्मन में झाँक लें  l

किसलिए यहाँ आए थे, 
और क्या यहाँ पर कर रहे, 
क्या मिला, क्या खो दिया, 
फिर भी आगे को बढ़ रहे, 
उम्मीदें मन में बहुत है, 
क्यों नही जीवन को सँवार ले l


Thank You. 

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