कैसे हैं आप !

कैसे हैं आप 
आपकी कैसी तबीयत है,
और सुनाइए, क्या चल रहा है,
आप अपना ख्याल क्यूं नही रखते,
आजकल आप थोड़े से दुबले हों गए हैं,
भाई, अपना ध्यान रखिए ।

थोड़ा सा मजाक,
एक-दूसरे की फिक करना,
यही तो है जिंदगी,
हँसी-ख़ुशी का माहौल,
जब आपस में दोस्त मिलते हैं तो 
इसी तरह से बात करते हैं,
जैसे जहान की सारी खुशियाँ मिल गई हो,
कोई फिक्र नही, कोई किसी की बुराई नही,
जैसे सारे जहान की ख़ुशियाँ धरती पर उतर आई हो ।

और यह जीवन तो एक उत्सव है,
इस जीवन में उत्सव मनाना चाहिए,
और इस जीवन को हमें उत्सव की तरह मनाना चाहिए,
हमें सरलता-सादगी का जीवन चाहिए,
किसी तरह का छल-कपट नही,
किसी के लिए, किसी भी तरह का राग-द्वेष नही,
बेवजह की सब चिंताएं छोड़ें,
और जो परिस्थितियां हमारे वश में नही,
उनके विषय में सोचने का कोई फायदा नही,
किसी की मदद कर पाएं तो अति उत्तम,
किसी का ध्यान रख पाएं तो बेहतरीन जिंदगी ।


Good morning.

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