मेरे शब्द मेरी पहचान है

मेरे शब्द मेरी पहचान है,
मेरे शब्दों में मेरी जान है,
मैं कौन हूँ, मैं क्या हूँ,
मैं कैसा हूँ, मैं जैसा हूँ,
मेरी साँसों में शब्द महान है ।

मुझमें क्या गुण है,
क्या अवगुण है,
अपने शब्दों से ही,
बयाँ कर सकता हूँ,
ज़ुबाँ ना हो तो क्या बोलूँ,
अपने मन को कैसे तोलूँ ,
मेरे शब्दों में उसके निशान है ।

कोई क्या समझे, मेरे दिल में क्या है,
कोई क्या जाने, मेरे मन में क्या है,
मेरे मन से ही तो शब्द निकलते हैं,
मेरे हृदय से ही तो शब्द निकलते हैं,
मेरे शब्द कोरी कल्पना नही,
मेरे शब्द कोई झूठे नही,
मेरी बातें शायद अच्छी ना लगे,
पर मेरी बातों में कुछ बुराई नही,
मेरे जीवन में शब्द अहं है ।


Thank You.

Comments

Popular posts from this blog

What you think