हे पारबृहम पर्मेश्वर्, जगदीश्वर् राम हरे

हे पारबृहम पर्मेश्वर्, 
जगदीश्वर् राम हरे, 
हे सब लोकों के स्वामी, 
सर्वेश्वर राम हरे, 
तुम ही तो सबमें बसे हो, 
तुम ही तो जग में बसे, 
कण कण तुम्ही बसे हो, 
जीवन में तुम्ही बसे हो, 
हे विश्व विधाता मालिक, 
पर्मेश्वर् राम हरे  l

हम तो है शरण तुम्हारी, 
हे सब सृष्टि के पालक, 
सबको जन्म देनेवाले, 
सब जीव हैं तेरे बालक, 
तुम सबको हँसानेवाले, 
तुम सबमें हँसनेवाले, 
शरणागत के रक्षक, 
देवेश्वर् राम हरे l

हे अंतर्यामी भगवन, 
हे सुख के स्वामी भगवन, 
कर्ता करवाने वाले, 
सबकी किस्मत के मालिक, 
देख रहे तुम सबको, 
पहचान रहे तुम सबको, 
हे जगत के पालनहारे, 
मुक्ति दाता राम हरे  l

जो तुझको अपना माने, 
उनके तुम बन जाते, 
जो कोई तुझको चाहे, 
उनकी चाहत तुम बन जाते, 
हे मन में बसनेवाले, 
हे रूह में बसनेवाले, 
तुम ही कृपा के सागर, 
हे आनंदधाम हरे l


Thank you. 

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