कभी अपनी बात कहने में डर या झिझक नही होनी चाहिए

कभी अपनी बात कहने में डर या झिझक नही होनी चाहिए, 
सही समय पr अपनी बात अवश्य कहो, 
जो आप बोलना चाहते हो, उसे अवश्य बोलो, 
और जो बात भले की हो, उसे तो जरूर कहो, 
जो बात दूसरों के भले की समझते हो, अवश्य कहो l

वैसे चुप रहना भी बहुत अच्छा काम है, 
चुप रहने से मनोबल एवं आत्मबल बढ़ता है, 
बिना सुने क्यों बोले, बिना पूछे क्यों बोले, 
बिना मांगे, सलाह क्यों दें, बिना सोचे कुछ क्यों करें, 
स्थिति और परिस्थिति देखकर बोलना चाहिए, 
समय पर जो काम सही लगे, जरूर करना चाहिए l

मन, वचन और वाणी पर नियंत्रण रखना चाहिए, 
जिससे जीवन के रास्ते आसान बने, 
और हमारा मन मजबूत बने, 
ऐसे कर्म करने चाहिए, 
जीवन तो बहुत खूबसूरत है, 
इसका हर पल आनंद लेना चाहिए, 
जीवन का बोझ नही 
अपितु परमात्मा का आशीर्वाद समझकर, 
आनंदपूर्वक जीना चाहिए l

ऐसे काम ना करें, जिससे औरों को दुख पहुँचे, 
दुनियाँ में क्यों किसी का दिल दुखाएँ, 
सब एक समान तो है, 
उस मालिक की संतान है, 
यहाँ ना कोई बड़ा, ना कोई छोटा, 
सब एक समान है, 
फर्क इतना है किसी के पास थोड़ा ज्यादा है, 
किसी के पास कम है, 
पर सब अपना गुजारा कर रहे हैं, 
फिर यहाँ किस बात का अहंकार  ? 



Thank You. 

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