दुनियाँ में, किस तरह से रहा जाता है

दुनियाँ में, किस तरह से रहा जाता है, 
क्यों भूल जाते हैं लोग, 
कि यहाँ हर किसी से नाता है, 
किसी का दुख-दर्द समझना, 
किसी को अपना समझना, 
किसी की मदद करना, 
यही तो इंसानियत है, 
किसी के वास्ते जीना है हमको, 
यही तो नेक-नीयत है, 
दुनियाँ में, इसी तरह तो जीया जाता है 

लोगों के चेहरों पर मुस्कान आए, 
दुनियाँ में ऐसे काम करो,
अपने दिल में संतुष्टि आए,
दुनियाँ में, औरों के 
भले की खातिर काम करो,
किसी का दिल क्यों दुखाता है बन्दे, 
सबके दिल में वही बसता है, 
किसी को क्यों सताता है बन्दे, 
कभी तो उस ईश्वर से डरो, 
दुनियाँ में आकर, 
खुद का दिल साफ किया जाता है  l

मन तो ये अहंकारी है, 
ये तो तुझे डुबायेगा, 
मन तो ये जिद्दी है बड़ा, 
ये तो तुझे भटकायेगा, 
चंचल और परेशान मन का 
सुधार करना सीख लीजीये, 
मन की बातों में मत आना, 
कभी दिल से भी काम लीजीये, 
सही शिक्षा तो वही है, 
जिससे लोगों का कल्याण किया जाता है l

Thank You. 

Comments