नफरत को दिलों से मिटा दो

नफरत को दिलों से मिटा दो, 
नफरत को दुनियाँ से मिटा दो, 
क्यों चड़ते हैं लोग, बलि नफरत की, 
नफरत को प्यार से मिटा दो l

कुछ लोग तो हिंसा को ही परम धर्म समझते हैं, 
कुछ लोग तो मानवता को ही बदनाम करते हैं, 
सोच अच्छी है तो फिर दुनियाँ में जीना सुंदर है, 
भलाई की बात जो मन में, फिर तो जीवन सुंदर है, 
हर कोई यहाँ खुश रहे, ऐसा जग में माहौल बना दो l

अपने अंदर झाँक लिया तो कौन पराया दिखता है, 
जब अपने जैसे सब दिखते हैं तो जीवन प्यारा दिखता है, 
मतलब जो मन में रखोगे, तो अपना नजर कौन आएगा, 
जब किसी को अपना नही समझोगे, तो कौन साथ में आयेगा, 
सब उसकी संतान है, मत किसी को धर्मों में बांटों l


Thank You. 

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