अपने मन को एक जगह ही रखा जाए
अपने मन को एक जगह ही रखा जाए,
ना आगे, ना पीछे, ना ऊपर ना नीचे,
ना उल्टा, ना सीधा,
अपने मन को स्थिर रखा जाए l
दुनियाँ यूँ तो कठिनता बहुत है,
जीवन में यूँ तो परेशानियाँ बहुत है,
कभी किस्मत की मार होती है,
तो कभी प्रकृति की मार होती है,
कभी गर्मी का कहर होता है,
तो कभी सर्दी का प्रकोप होता है,
कभी बारिश नही आने से लोग परेशान है,
तो कभी बारिश अधिक हो जाने से लोग परेशान है,
ये जीवन यूँ ही चलता रहता है,
समय यूँ ही बदलता रहता है,
क्यों नही मन को सही किया जाए l
सबसे अच्छी बात तो यह होगी,
कि कुछ अच्छा सोचा जाए,
कुछ सही सोचा जाए,
कुछ अच्छा किया जाए,
क्यों नही अपने मन में,
विश्वास भरा जाए l
Thank You.

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