सब कुछ तुझे अर्पण है


सब कुछ तुझे अर्पण है,
सब कुछ तुझे अर्पण करता हूँ, 
तन मन धन अर्पण करता हूँ,
ये जीवन अर्पण करता हूँ, 
मेरा मुझमें कुछ भी नही है, 
सब कुछ तो यहाँ तेरा है, 
तुझसे पाया, तुझको देना है, 
क्या मेरा, सब तेरा है, 
तुझको अपना मान लिया है, 
तुझपे जीवन न्यौछावर करता हूँ  l

मेरा मन भी, मेरा तन भी, 
मेरा धन भी, मेरा जीवन भी, 
ये साँसें, ये दिन रातें, 
सब कुछ ही तो तेरे हैं, 
तुम सब जानो, तुम सब देखो, 
तेरे साँझ सवेरे है, 
तेरे सिवाय यहाँ कौन मेरा है, 
विश्वास तुझी पर करता हूँ  l

तू ही तू, तू ही तू, 
धरती अम्बर में तू ही तू, 
तू ही तू तू ही तू, 
हर जगह है तू ही तू, 
कुछ भी नही मैं, 
कुछ नही मेरा 
हर तरफ है तू ही तू, 
मेरी कुछ पहचान नही है, 
पहचान मेरी है तू ही तू, 
करने सब करवाने वाले, 
मेरा हर कर्म 
तुझे अर्पण करता हूँ  l

मुझमें तू, तुझमें मैं, 
कुछ भी तुझसे अलग नही,
तुझमे तू, सबमें तू, 
तेरी ही सत्ता यहीँ, 
तुझसे है जहान ये पूर्ण, 
तुझसे है सब कुछ परिपूर्ण, 
सर्वसमर्थ, सर्वनियंता, 
सब लोकों में तू ही तू, 
तुझसे नही है कुछ भी खाली, 
सबके ऊपर तू ही तू, 
सबसे ऊँचा नाम है तेरा, 
सबसे ऊँचा तू ही तू, 
तुझसे मिलना, तुझको पाना, 
तू ही है मंजिल मेरी, 
तेरे ही आगे ऐ मालिक, 
अर्दास हर पल करता हूँ  l


Thank you. 




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