ये जीवन बड़ा विचित्र है

  




ये जीवन बड़ा विचित्र है, 
यहाँ मन का चलता चलचित्र है, 
यहाँ कुछ कमियाँ तो रहती है, 
सम्पूर्णता किसी में नही दिखती है, 
बहुत कम बनते यहाँ मित्र है l

लोगों का मन है माया में, 
लोगों का मन है काया में, 
यहाँ कुछ अपनी नही चलती है, 
यहाँ औरों की मर्जी चलती है, 
यहाँ सपनों की बिखरी इत्र है l

कुछ काम यहाँ पर करते हैं, 
पर मन में उत्साह नही दिखता है, 
इस दुनियाँ में सारा जग उलझा है, 
यहाँ चैन किसे यहाँ मिलता है, 
खोज में है सारी दुनियाँ, 
मंजिल की तलाश में नेत्र है l


Thank You. 

Comments

Popular posts from this blog

Why I am here