ये जीवन क्या है

ये जीवन क्या है,
कभी खुशी, कभी गम,
ये जीवन क्या है,
कभी आशा, कभी निराशा,
ये जीवन क्या है,
कभी खोना, कभी पाना,
ये जीवन क्या है,
कभी पूरा, कभी आधा,
ये जीवन क्या है,
कभी छोड़ना, कभी इरादा,
ये जीवन क्या है,
कभी ज्यादा, कभी कम ।

जीवन भर लोग,
एक-दूजे से लड़ते रहते हैं,
जीवन भर लोग,
समस्याओं  में उलझे रहते हैं,
भूल जाते हैं यहां खुश रहना,
छोड़ देते हैं, मन का अच्छा स्वभाव,
जीवन भर लोग अहंकार में रहते हैं,
ये जीवन क्या है, 
कभी सत्य। कभो भ्रम ।

छोड़ दे अपने मन की उलझन को,
कर ले, जीवन में परहित के काम,
कभी हम स्वयं को निखारे,
कभी हम अपना व्यवहार निखारे,
कभी हम जीवन को निखारे,
कभी हम जीवन को संवारे,
ये जीवन का है मन दर्पण ।

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