इस जीवन के दिन चार
इस जीवन के दिन चार,
ये जीवन, जी लीजिए,
कुछ चला गया,
कुछ पास में है,
कुछ नादानी में गया,
कुछ अहंकार में गया,
कद्र इसकी, अब कर लीजिए l
जन्म हुआ तो, आया बचपन,
बचपन गया तो, आई जवानी,
गई जवानी तो, बुढ़ापा आ गया,
सारा जीवन, बिचला फिरता है,
फिक्र अब तो इसकी कर लीजिए l
एक-एक पल से बना ये जीवन,
गया एक भी पल तो
फिर छूटा जीवन,
हँसने-गाने की ये जिंदगानी,
खुशी और गम की ये जिंदगानी,
इस जीवन में खुशियाँ बेशुमार,
ये जीवन, जी लीजिए l
Thank You.

Comments
Post a Comment