कभी कभी जिंदगी



कभी कभी जिंदगी,
बेवजह परेशान हुआ करती है
कभी अपने दुख से, 
कभी औरों की खुशी से, 
हैरान हुआ करती है, 
वक्त सुख का आता है तो, 
कभी दुख का भी आ जाता है, 
जिंदगी कभी खुद से, कभी औरों से, 
नाराज हुआ करती है  l

चल पड़े कदम अगर तो फिर
मुश्किलों से क्या घबराना है, 
जिंदगी चाहे खामोश रहे, 
फिर भी हर हाल में मुस्कुराना है, 
कौन क्या कहता है, 
इस बात की फिक्र मत करिये, 
आपका दिल क्या कहता है, 
इस बात पर जरा गौर करिये, 
जिंदगी खुशहाल रहे तो, 
किस्मत भी पलटती है  l

दुखी रहने से, किसी को, 
हासिल कुछ, नही होता है, 
फिक्र करने से, किसी का
भला नही कुछ होता है, 
जिसने इस दुनियाँ में, 
खुश रहना सीख लिया, 
जिसने अपनेआप को 
खुश रखना सीख लिया, 
फिर उसको दुनियाँ ये
जन्नत दिखती है, 
इस पल को, 
जो नही जीया तो, 
जिंदगी फिर तो
खाक हुआ करती है l

सुकून नही जो मन में तो, 
फिर जीने में क्या खुशी है, 
प्यार नही जो दिल में तो, 
फिर होठों पे 
कहाँ मुस्कुराहट है, 
किसी को याद करने से 
खुशी मिलती है, 
किसी को याद करने से 
परेशानी मिलती है, 
भूल जाए ये जहान 
अगर कुछ पल के लिए, 
फिर तो ये जिंदगी 
हसीन लगती है, 
दुनियाँ में किसी को 
अगर अपना कहा, 
फिर तो ये 
जिंदगी मधुर लगती है  l


Thank you.  

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