क्या इंसान के सब निर्णय सही होते हैं
क्या इंसान के सब निर्णय सही होते हैं,
इंसान तो चाहता है
कि उसके जीवन में कोई कष्ट नही आए,
लेकिन फिर भी हर किसी के जीवन में
दुख-तखलीफ़े आती है,
हर कोई चाहता है उसका जीवन स्वर्ग बने,
लेकिन क्या सबका जीवन स्वर्ग बनता है,
क्या इंसान के जीवन के कष्ट
उसके खुद के द्वारा पैदा किये गए हैं
या फिर औरों के द्वारा पैदा किये जाते हैं,
कितना भी विचार करके निर्णय लिए जाएँ,
फिर भी यह शक रहता है वे उसमें कामयाबी पायेंगें l
जान-बूझकर कोई, गलत निर्णय नही लेता है,
अगर कोई किसी को कुएँ में कूदने के लिए कहे,
तो हर कोई सोचता है,
लेकिन बहुत बार लोग फिर भी वही काम करते हैं,
या तो यह उनका विश्वास है या फिर अंधविश्वास है,
बहुत बार इंसान दूसरों की सलाह कम मानता है,
अपनी अधिक मानता है,
बहुत बार इंसान अपनी मनमर्जी करके दुख पाता है,
बहुत बार इंसान के दुखों का कारण दूसरे नही
अपितु वे स्वयं होते हैं l
अनेकों बार भगवान हमारी मदद करता है,
मैं तो ये कहूँगा, हर समय, दिन में भी रात में भी,
सुबह भी शाम भी, तभी तो हम अच्छा जीवन जी पाते हैं,
वही हमारे जीवन की मुश्किलें खत्म करता है,
लोग परेशानियाँ पैदा करते हैं,
और ईश्वर खत्म करता है,
तभी तो हम हर रोज खुश रह पाते हैं,
हम अपने निर्णयों के खुद जिम्मेदार होते हैं,
हम अपने कर्मों के खुद जिम्मेदार होते हैं,
बेहतर होगा कि हम औरों पर दोष देने की बजाय,
खुद के निर्णयों और कर्मों का विश्लेषण करें l
Thank You.
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