चलते चलते चलते जाना है
चलते चलते चलते जाना है,
सफर सुहाना है जिंदगी का,
सफर का लुत्फ़ उठाना है l
सफर सुहाना है जिंदगी का,
सफर का लुत्फ़ उठाना है l
मन प्रसन्न है तो खुशियाँ है,
मन प्रसन्न है तो सब बढ़िया है,
मन प्रसन्न है तो सब बढ़िया है,
क्या फायदा इस जिंदगी का,
जब मन ये हरदम दुखिया है ,
किस लिए हो दुखी यहाँ पर,
यहाँ प्यार बाँटते जाना है l
कभी सफर अकेले, कभी कोई है संग में,
कभी कोई है मन में, कभी कोई है दिल में,
यह जीवन तो समझ ना आए,
सबकी किस्मत है अलग अलग,
दुख सुख तो यहाँ आते जाते रहते,
मन को मजबूत बनाना है l
कभी चाहत है कभी नफरत है,
और इस जीवन में क्या हसरत है,
किस्मत भी जब साथ ना दे तो,
क्या रब है और क्या कुदरत है,
अपने दिल को समझाकर के,
आगे कदम बढ़ाना है l
Aman

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