कथनी और करनी में अंतर ना कोई रह जाए

कथनी और करनी में अंतर ना कोई रह जाए, 
जिंदगी की राहों में मंजिल ना कहीं खो जाए, 
जो देखे वो बोले, जो बोले वो करे,
इस मन को पूरा करे, दिल की बात लब पर आए, 
दुनियाँ की भाग दौड़ में, जिंदगी जीना ना भूल जाये l

खुशी मिलती है कम, गम थौड़े ज्यादा है, 
चैन मिलता है कम, बेचैनी कुछ ज्यादा है, 
चाहतें पूरी सब होती है कहाँ इस दुनियाँ मैं, 
मुश्किलें सारी कहाँ मिटती है इस दुनियाँ में, 
किसी के वास्ते कुछ तो यहाँ कर पाए  l

चलते रहे आगे बढ़ते रहे, कदम भी कुछ थकते रहे, 
कभी रोशनी कभी अंधेरे में, मंजिल की ओर चलते रहे, 
खामोश रहकर जीने में भी आता है आनंद बड़ा, 
एक दूजे से बात करके , हो जाता है दिल हल्का, 
किसी के प्यार की चाहत में, ये मन ना मुरझा जाए  l


Aman



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