आगे बढ़ने की ईच्छा हो

आगे बढ़ने की ईच्छा हो, 
फिर कहाँ पहुँच पाना मुश्किल है, 
जब साहस मन में भरा हुआ, 
फिर क्या मंजिल पाना मुश्किल है  l

जब आँखों में कुछ सपने हो, 
फिर पूरा करने की ख्वाईश हो, 
कुछ काम करे अपनी खातिर, 
कुछ काम करे औरों की खातिर, 
जब दिल में प्यार भरा हुआ, 
फिर क्या ख्वाब सजाना मुश्किल है  l

कुछ सोच लिया तो सोच लिया, 
कुछ अपने लिए किया तो क्या बुरा किया, 
कुछ जीना अपने लिए यहाँ, 
कुछ जीना औरों के लिए यहाँ, 
किसी के सुख-दुख में शामिल हो जाएँ, 
फिर क्या दुनियाँ में रहना मुश्किल है  l


Aman


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