जब दुःख-दर्द किसी का देखा ही नही
जब दुःख-दर्द किसी का देखा ही नही,
तो क्या मतलब, यहाँ रहने का,
जब अपना किसी को कहा ही नही,
तो क्या फायदा, यहाँ जीने का,
तो क्या मतलब, यहाँ रहने का,
जब अपना किसी को कहा ही नही,
तो क्या फायदा, यहाँ जीने का,
औरों का दुःख बांटने से,
दुःख ये कम हो जाता है,
औरों की खुशियों में शामिल होने पर,
खुशियाँ और बढ़ती जाती है,
जब किसी की भावना समझी ही नही,
तो क्या मतलब यहाँ जीने का l
सुंदर मिला सबको जीवन,
फिर बेरंग इसे क्यों बना देते हैं,
रब ने तो खुशियाँ सबको दी,
तो दुखभरी इसे क्यों बना देते हैं,
जब मन में उजाला हुआ ही नही,
तो क्या फायदा, यहाँ जीने का l
हँसी-खुशी में ये गुजरे जिंदगी,
चलते फिरते ये गुजरे जिंदगी,
चलते फिरते ये गुजरे जिंदगी,
जो पास है उनकी संभाल करें,
जो साथ है उनका ख्याल करें,
जब आँखों में कुछ सपने ही नही,
तो क्या फायदा यहाँ जीने का I
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