कभी-कभी चुप रहना अच्छा होता है

कभी-कभी चुप रहना अच्छा होता है, 
आत्म-निरीक्षण, आत्म-विश्लेषण करने के लिए, 
शांत मन, शांत चित्त, शांत इंद्रियाँ, शांत वृतियाँ, 
शांत हृदय, शांत शरीर, शांत वातावरण, 
मन को अनंत में ले जाते हैं, 
मन को प्रभु चरणों से जोड़ते हैं, 
कभी कभी आनंदित भी रहना चाहिए  l

जीवन का लक्ष्य, शांति पाना ही तो है,
हर कार्य का अंतिम लक्ष्य सुकून पाना ही तो है, 
अपने मन को निखारना, 
अपनी हर साँस को परमात्मा को समर्पित करना,
साँसों द्वारा अपने अंदर नई ऊर्जा भरना, 
प्राणवायु का आनंद पूर्वक सेवन करना, 
तन और मन को रोमांचित कर देता है, 
आओ स्वयं को नई उच्चाइयों पर ले जाएं  l

खुशनुमा माहौल, आनंदित वातावरण, 
जीवन को खुशियोंभरा बनाते हैं, 
प्रेम के मार्ग पर ले जाते हैं, 
अहंकार मिटाते हैं, 
और हमें ऊर्जावान बनाते है, 
आओ कुछ नया सोचें, नया करें  l


Thank You. 

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