छोड़ दे मन अहंकार तू
छोड़ दे मन अहंकार तू,
छोड़ दे मन निंदा-चुगली तू
इससे अपना जीवन बिगाड़ लेता है,
देख तू खुद पर भार चढ़ा लेता है,
छोड़ दे मन दुनियाँ की फिक्र करना तू l
छोड़ दे मन निंदा-चुगली तू
इससे अपना जीवन बिगाड़ लेता है,
देख तू खुद पर भार चढ़ा लेता है,
छोड़ दे मन दुनियाँ की फिक्र करना तू l
जो सीखा नही दुनियाँ में रहना,
तो क्या फायदा, दुनियाँ में रहने का,
जो सीखा नही लोगों से प्यार करना,
तो क्या फायदा, दुनियाँ में जीने का,
तो क्या फायदा, दुनियाँ में रहने का,
जो सीखा नही लोगों से प्यार करना,
तो क्या फायदा, दुनियाँ में जीने का,
छोड़ दे मन अज्ञान तू l
तेरी सब चिंताएँ छूटे,
जो तु हरि से नाता जोड़ दे,
तेरी सब विपदाएँ छूटे,
जो तू जगत की झूठी बातें छोड़ दे,
तेरा मेरा उद्धार होगा,
मत बन मन अंजान तू l
जो तु हरि से नाता जोड़ दे,
तेरी सब विपदाएँ छूटे,
जो तू जगत की झूठी बातें छोड़ दे,
तेरा मेरा उद्धार होगा,
मत बन मन अंजान तू l
Thank You.
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