कभी जिंदगी को अपना समझकर तो देखो



कभी जिंदगी को अपना समझकर तो देखो, 
कभी जिंदगी में खुशियाँ भरकर तो देखो, 
जिंदगी का जितना ख्याल तुम रखोगे, 
जिंदगी भी तुम्हारा उतना ख्याल रखेगी, 
कभी जिंदगी को ठीक रखकर को देखो  l

माना कि दुनियाँ में चिंताएँ बहुत है ज्यादा, 
माना कि जिंदगी को काम बहुत है ज्यादा, 
कभी साथ मिल जाता है, कभी साथ छूट जाता है, 
कभी पराया बनता अपना, कभी अपना पराया बन जाता है, 
कैसी है कहानी जिंदगी की, समझ में नही आती, 
कभी खुशियाँ मिल जाती है, खुशियाँ कभी दूर चली जाती है, 
कभी खुद अपने हाथों से जिंदगी बदलकर देखो  l

तन मन और रूह से ये जिंदगी बनती है, 
सही खानपान और साँसों से ये जिंदगी चलती है, 
सही सोच बढ़ाती है इस जिंदगी को आगे, 
सही काम बढ़ाते हैं इस जिंदगी को आगे, 
कभी जिंदगी की खातिर, कुछ तो करके देखो  l







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