रोज रोज की वही जिंदगी
रोज रोज की वही जिंदगी,
लगता है हर पल नई जिंदगी,
कुछ प्यार भरी, कुछ चाह भरी,
लगता है कुछ मदभरी जिंदगी,
जिसे अपना समझा, वही अपना,
वरना ये अजनबी जिंदगी l
ये भीड़ भाड़ की जिंदगी,
ये भाग दौड़ की जिंदगी,
कुछ हँसी खुशी की जिंदगी,
कुछ मुश्किल सी ये जिंदगी l
कुछ बेचैन सी ये जिंदगी,
कुछ सकून भरी ये जिंदगी,
चलती ही जा रही है,
नाराज सी ये जिंदगी l
कभी ये घबराए, कभी ये मुस्काए,
कभी ये इतराए, कभी ये इट्ठलाये,
कुछ तृप्त सी ये जिंदगी,
कुछ प्यास सी ये जिंदगी l
कभी अच्छी भी लगती है,
कभी बुरी भी लगती है,
कुछ थकी हुई सी जिंदगी,
कुछ आराम सी ये जिंदगी,
कुछ आम सी ये जिंदगी,
कुछ खास सी ये जिंदगी l


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