जीना इसी को कहते है



जीना इसी को कहते है, 
जो जीते औरों की खातिर, 
जो करते औरों की खातिर, 
जो हँसते औरों की खातिर, 
जो रोते औरों की खातिर, 
नही दूर दिलों से रहते हैं  l

कुछ बात अलग उनमें होती है, 
जो दुनियाँ से अलग दिखलाती है, 
भीड़ में चलते हैं लेकिन
पहचान अलग बन जाती है, 
कुछ खास तरह का जीवन बनता, 
जो हर मुश्किल दूर हटाते हैं  l

जहान प्यार से ये चलता है, 
नफरत का कोई काम नही है, 
सेवा व्यर्थ नही जाती है, 
जिंदगी व्यर्थ नही जाती है, 
औरों के दुख सुख में शामिल होते हैं, 
जो सबको अपना कहते हैं l

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