कौन तुझे अपना कहता है

कौन तुझे अपना कहता है, 
कौन कहे बेगाना, 
कौन समझता, दिल का रिश्ता, 
कौन रहे अनजाना l

जीवन तो तभी अच्छा लगता, 
जब समझे कोई अपना, 
वरना जीवन रह जाता है, 
जैसे कोई, सुंदर सपना, 
प्यार अगर जो दिल में भरा हो, 
फिर अपना लगे जमाना  l

किससे मतलब रखें और
किससे मतलब छोड़ें, 
किससे रिश्ता बना लिया है, 
किससे रिश्ता जोड़ें, 
जहान नजर आता है अपना, 
जो गाएँ प्रेम तराना  l

टूटे हुए रिश्तों को जो
दिल के तारों से जोड़ें,
मन के मनके बीच भरें
और नफरत की दीवारें तोड़ें, 
चाहे गाँठ भले ही पड़ी हो, 
फिर भी निभाते जाएँ, 
किस्मत भी खुल जाती है जो
करना सीखें सुकराना   l


Thank You. 

Comments

Popular posts from this blog

Why I am here