किस बात से तुम नाराज हो
किस बात से तुम नाराज हो,
किस वजह से तुम नाराज हो,
तुम्हारे चेहरे पर, मुस्कुराहट क्यों नही है,
तुम्हारे होठों पर, हँसी क्यों नही है,
किस वजह से तुम, ख़फ़ा-ख़फ़ा हो l
क्या खो गया, जो इतनी उदासी है,
क्या चला गया, जो इतनी मायूसी है,
ये जिंदगी तो, खुश रहने के लिए मिली है,
ये जिंदगी तो, आगे बढ़ने के लिए मिली है,
किस वजह से तुम, दुनियाँ से हैरान हो l
लोग तो दुनियाँ में, खुश रहने का बहाना ढूँढ लेते है,
जो मिला है उसमें, खुश रहना ढूँढ लेते हैं,
जब सोच अच्छी है तो, जिंदगी खूबसूरत नजर आती है,
जब रास्ते सही हो तो, मंजिल करीब नजर आती है,
क्या बात है जो, खुद से ही नाराज हो l
Thank You.

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