कभी जिंदगी मेरी, मुझसे नाराज ना रहे

कभी जिंदगी मेरी, मुझसे नाराज ना रहे, 
कभी जिंदगी मेरी, नाकाम ना रहे, 
कुछ दुनियाँ में उलझन है, 
कुछ जीवन में उलझन है, 
कभी जिंदगी मेरी, परेशान ना रहे  l

जो सोचता हूँ मैं वो, होता नहीं है, 
जो चाहता हूँ मैं वो, होता नहीं है, 
कुछ पूरे हैं तो कुछ ख्वाब अधूरे हैं, 
कुछ सपने सजाने के काम अधूरे हैं, 
कभी जिंदगी मेरी, मुझसे हैरान ना रहे  l

दुनियाँ में रहना है तो, जीना ही पड़ेगा, 
कुछ सोच-समझकर, आगे बढ़ना ही पड़ेगा, 
जितना मिला है दुनियाँ में, उसमें खुश रहना है, 
जो भी गया है दुनियाँ से, उसका क्या गम करना है, 
कभी मंजिल मेरे हौसलों से, दूर ना रहे  l


Thank You. 

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