जब हम कहें कुछ और ही

जब हम कहें कुछ और ही, 
जब तुम समझो, कुछ और ही, 
जब मन कहें कुछ और ही, 
जब दिल समझे कुछ और ही, 
कुछ बात है ये अजीब सी, 
जो लोग एक-दूजे को 
समझ नही पाते हैं, 
जब हम चलते कहीं और ही, 
और जीवन पहुँचे, कहीँ और ही  l

आशा-उमंग के साथ ही, 
ये जीवन उत्तम चलता है, 
मन की खुशी के साथ ही, 
ये जीवन बढ़िया चलता है, 
अपनी मस्ती में चलते रहे तो, 
ये जीवन रंगीन दिखता है, 
हम करते कुछ और ही
और किस्मत देती कुछ और ही l

सामंजस्य का जीवन ही, 
बढ़िया जीवन होता है, 
एक-दूजे की जो भावना समझे, 
तो प्यारा ये जीवन होता है, 
हम चाहते है कुछ और ही
और ईश्वर देता कुछ और ही l

Thank You. 

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