जब मन हो, कुछ शांत-शांत

जब मन हो, कुछ शांत-शांत, 
जब तन हो, कुछ शांत-शांत, 
जब दिल भी हो, कुछ शांत-शांत, 
जब इच्छा भी हो, कुछ शांत-शांत, 
जब सोच नही, कुछ अलग सके, 
जब नजरें भी हो, कुछ शांत-शांत l

जैसे मन में कुछ मन्नत हो, 
जैसे जीवन में कुछ जन्नत हो, 
जब जुबाँ भी नही कुछ कहना चाहे, 
जब मन भी नही कुछ कहना चाहे, 
जब कान नही कुछ सुनना चाहे, 
जब वातावरण भी हो, कुछ शांत-शांत l

सोचो, कैसा ये जीवन है, 
समझो कैसा ये जीवन है, 
सब बातें, जब भूल जाने लगे, 
जब ईश्वर याद आने लगे, 
जब नाम प्रभु का प्यारा लगे, 
जब ईश्वर का सहारा दिखे, 
जब सारा जहान अपना लगे, 
जब हर जीव, अपना लगे, 
जब राग-द्वेष नही किसी से दिखे, 
जब दिल शुक्रवान बने, 
जब प्यारा लगे एकांत-शांत, 
तो समझो, कैसा जीवन है  l




Thank You. 

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