मन छोड़ दे सब मनमानी
मन छोड़ दे सब मनमानी,
मन अब कर नही तू नादानी,
तू तो सोचता फिरता दुनियाँ में,
तू तो भटकता फिरता दुनियाँ में,
मन अब कर नही तू नादानी,
तू तो सोचता फिरता दुनियाँ में,
तू तो भटकता फिरता दुनियाँ में,
तेरा लालच घट नही पाता है,
तू तो खुश नही रह पाता है,
मन तू काहे बनता अज्ञानी l
दुनियाँ में शुभ काम किये जा,
तू तो खुद को साफ किये जा,
जो तू चाहे वह पूरा हो जाए,
जग में ऐसे काम किये जा,
मन काहे बनकर फिरता अभिमानी l
तू तो खुद को साफ किये जा,
जो तू चाहे वह पूरा हो जाए,
जग में ऐसे काम किये जा,
मन काहे बनकर फिरता अभिमानी l
मेरा मैं सब मिट जाए तेरी,
सब तेरा तू बोले जुबाँ ये तेरी,
सब तेरा तू बोले जुबाँ ये तेरी,
जो तू अपने अंदर झाँके,
रब की खुशियाँ मिल जाए घनेरी,
ऐ मन तू करले हरि गुणगान,
अमन तू
Thank You.

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