कभी ये जीवन
कभी ये जीवन, फूलों सा दिखता है,
कभी ये जीवन, काँटों सा दिखता है,
इस जीवन की राहें बडी अजीब है,
कभी ये जीवन, जन्नत सा दिखता है l
कभी ये जीवन, काँटों सा दिखता है,
इस जीवन की राहें बडी अजीब है,
कभी ये जीवन, जन्नत सा दिखता है l
चाहतें बढ़ती है तो, इसमें हलचल है,
मंजिलों को पाने को जान व्याकुल है,
मंजिलों को पाने को जान व्याकुल है,
कदम चल पड़े, ना जाने कहाँ ले जायेंगें,
खुशियों के फूल, इन राहों में मिल जायेंगें,
अब तो ये जीवन, खुशियाँभरा लगता है l
अमन तेरी क्या चाह बता दुनियाँ में,
कटी सफर में, अब तो ये जिंदगी तेरी,
जो चाहा, क्या मिल गया है तुझको,
और क्या है ख्वाईश, इस जहान में तेरी,
अब तो ये जीवन, ख्वाब सा दिखता है l
Thank You.

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