मन तेरा ध्यान कहाँ पर है




मन तेरा ध्यान कहाँ पर है, 
मन तेरा ज्ञान कहाँ पर है, 
मन तेरी नजर कहाँ पर है, 
मन तेरी लगन कहाँ पर है
बता ऐ मन, तू कहाँ पर है l

छूट रहा हाथों से जीवन, 
जैसे हाथों से फिसले पानी, 
थोड़ा-थोड़ा सारा समय चला जाए, 
जैसे स्टेशन से छूटे गाड़ी, 
चला गया तो फिर मिलता नही है, 
ऐ मन, अंजान कहाँ पर है l

कल्याण तेरा, ईश्वर के भजन में, 
भला तेरा, हरिनाम सुमिरन में
जो तू सोचे, सब पा लेगा, 
जीवन चला गया तो, 
फिर कुछ नही होगा तेरे वश में, 
करले तू गुणगान प्रभु का, 
अमन, तु नादान कहाँ पर है  l


Thank You. 

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