सब खुशियाँ, ऐ मेरे दिल कहाँ मिलती है,





सब खुशियाँ, ऐ मेरे दिल कहाँ मिलती है, 
ऐसी जिंदगी, ऐ मेरे दिल, कहाँ मिलती है, 
हम ढूँढते तो हैं जहाँ की हर चीज यहाँ, 
लेकिन अपने ही अंदर, 
खुशी तलाशना भूल जाते हैं, 
हम सोचते तो है जहान के बारे में, 
लेकिन अपने बारे में सोचना, भूल जाते हैं, 
मंजिल की तलाश तो सब करते हैं, 
लेकिन मनचाही मंजिल, सबको कहाँ मिलती है l

ये दुनियाँ की वफादार, यहाँ बनती नही है, 
ये जिंदगी किसी की वफादार, यहाँ बनती नही है, 
लोग चाहते हैं, खुश रहे, औरों को खुश रखें, 
लेकिन ये दुनियाँ, किसी को खुश रहने देती नही है, 
सच्चाई से मूह मोड़कर जिंदगी खुश रह पाती नही है, 
खुशियों के दौर आ जाए, इस जिंदगी में, 
लेकिन चाहते सबकी पूरी होती नही है l

सब सोचते हैं कि जिंदगी ये खुशहाल बने, 
सब सोचते हैं कि जिंदगी को आराम मिले, 
हँसी-खुशी के पल जिंदगी में बार-बार आए, 
रोशनी के पल जीवन में बार-बार आए, 
लेकिन दिल आरजू, सबकी पूरी होती नही है l


Thank You. 

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