अगर आप जीवन का महत्व समझते हैं
अगर आप जीवन का महत्व समझते हैं,
ताे फिर कभी इसको, बेकद्रा नही समझेंगें,
क्योंकि एक जीवन है,
जो हमे संसार में सब कुछ देता है,
हमें जानदार, शानदार बनाता है,
हम दुनियाँ में, अच्छी तरह से जी पाते हैं,
कभी आँखें हमें, रास्ता दिखाती है,
कभी मन हमे, अपनी सूझ-बूझ से,
मुश्किलों और परेशानियों से बचाता है,
कभी दिल हमें, भावनाओं के सागर में ले जाकर,
हमें खुशियाँ देता है, और हम आगे बढ़ते चले जाते हैं,
जब हम स्वयं को समझेंगे,
तभी हम जीवन को समझ पायेंगे,
संसार को समझ पायेंगे,
परमात्मा का समझ पाएगें ।
हमें पता होना चाहिए कि हम आत्मा हैं,
हमने यह मनुष्य का सर्वोत्तम शरीर धारण किया। हुआ है,
हमारा मन अनेकों युगों से हमारे साथ है,
हमारे जन्म के साथ, यह भी हमारे साथ आया है,
यही मन, इस संसार में हमारा मार्गदर्शन करता है,
हमारा सुंदर शरीर उस परमेश्वर की सर्वश्रेष्ठ रचना है,
परमात्मा ने यह शरीर पंच महाभूतों के मिश्रण से बनाया है,
पृथ्वी, जल, वायु, अग्नि, आकाश और मन,
यह मन ही इस शरीर का राजा है,
यह मन ही इस शरीर पर राज करता है,
अगर हम मन और प्रकृति के रहस्य को समझ पाते हैं,
हमारी अनेकों मुश्किलें खत्म हों जायेंगी ।
हरेक पल हमारे लिए महत्वपूर्ण है,
हरेक स्वास हमें नवजीवन देता है,
हम परमात्मा के ज्ञान और विज्ञान को समझ पाते हैं,
अगर एक दिन में 12 घंटे दिन है तो
12 घंटे रात भी है,
क्योंकि जो सूर्य, चंद्रमा एवं ग्रहों का प्रकाश है,
वह परमात्मा का प्रकाश ही ही है,
जिससे दिन और रात बनते हैं,
अगर संसार के बारे में जानकारी को ज्ञान कहते हैं तो
आत्मा की जानकारी को भी ज्ञान ही कहते हैं,
अगर बाहर अँधेरा और उजाला है तो
हमारे अन्दर भी अंधेरा और उजाला है,
अगर ज्ञान अदृश्य है, तो विज्ञान दिखाई देता है,
हम आत्मा, ज्ञान और विज्ञान से तृप्त हैं,
यह तो हमारे कर्मों और मन की कामनाओं से
धुएँ की तरह ढक जाती है,
जो आत्मा विशेष तरीकों से,
साफ़ भी हो जाती है,
फिर यह आत्मा सूर्य की भाँति चमकने लगती है,
अगर यह आत्मा इस संसार में आती है तो
इसे जीवन समय खत्म हो जाने पर जाना भी पड़ता है,
फ़िर क्यों नहीं हम इस दुनियाँ से खुशी-खुशी जायें,
और उस परमात्मा से मिल जाएँ ।
Thank You.

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