अपनी धुन में, हम चलते रहे

अपनी धुन में, हम चलते रहे, 
हरदम आगे, हम बढ़ते रहे,
ये ना सोचा, इससे क्या मिलेगा,
ये ना समझा, किससे क्या मिलेगा,
अपनी मस्त में, हम चलते रहे। 

कभी हवा, संग-संग चली,
कभी हवा, उल्टी बही,
कभी पैर आगे बढ़ते गये,
कभी पैर जमते गये,
कभी हाथ-पैर थकते गये,
फिर भी हम चलते गये। 

कभी मंज़िल दिख है हमें,
कभी मंजिल हमसे दूर रही,
कभी चाहत पूरी हो गई,
कभी चाहत अधूरी रह गई,
कभी साँसों से विश्वास भरा,
खुशी मन में लेकर चलते रहे ।

Thank You.

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