चलता रहता हूँ
चलता रहता हूँ,
यूँ तो अपनी धुन में,
आगे बढ़ता रहता हूँ,
यूँ तो अपनी धुन में,
लेकिन पता नही,
लेकिन पता नही,
कब तक चलूँगा,
पता नही कब तक रहूँगा,
पता नही कब तक रहूँगा,
एक दिन तो,
दुनियाँ को छोड़कर जाना पड़ेगा ।
कभी ख़ुशी,
कभी गम आए, जीवन की राहों में,
कभी दुख,
कभी सुख के बादल छाए इस जीवन में,
कुछ चाहतें पूरी हुई तो,
कुछ अधूरी रह गई,
एक दिन तो,
सब छोड़कर,
खाली हाथ जाना पड़ेगा ।
एक दिन तो,
यह जिंदगी ही धोखा दे देगी,
एक दिन तो,
यह दुनियाँ भी साथ छोड़ देगी,
क्या खोया,
क्या पाया, इस दुनियाँ से,
क्या चाहा,
क्या मिला, इस दुनियाँ से,
एक दिन तो,
जिंदगी से हार जाना पड़ेगा ।
Thank You.

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